Friday, February 10, 2012

स्वास्थ्य-चेतना


बचपन देखो पीड़ा भरा-सा 
दुःख का और लाचारी का
ग़रीबों को बिना इलाज,
शिकार भूख, बीमारी का! 

क्या होगा वैभव विलास
जो पीड़ा उनकी बाँट न पायें,
पढ़-लिखके भी उनके लिए
कुछ अच्छा न कर पायें!

एक उद्देश्य यहाँ ये भी हो,
'आरोग्य' प्रसार हम कर पायें, 
तृण-तृण से भी कुछ विशेष 
भीड़ में हम सब कर जाएँ !

इसीलिए विनती है सबसे
स्वास्थ्य-चेतना हम फैलाएं
'प्रथम सुख निरोगी काया है'
गर्व से हम सब कह पायें!

"So, Stay healthy, save money on medicine and contribute it for the poor!"

Picture Courtesy: http://publichealth.msu.edu/pph/index.php/academic-programs/graduate-certificate/international

18 comments:

  1. आप ज़रूर कुछ अच्छा करेंगे..
    लिंक पढ़ा...
    लिखते रहें.

    शुभकामनाएँ.

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  2. इतना सही मार्ग है ये कि नियमित लिखना ही होगा ... आप स्वयं भी इसके लिंक्स भेजें , मैं भी सबको दूंगी - और क्या करना चाहिए यह निःसंकोच बताएं

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  3. विद्या जी, रश्मि जी, बहुत प्रोत्साहन मिला. यही उद्देश्य है, संपर्क करता रहूँगा.

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  4. आपकी रचना बहुत अच्छी लगी |हृदय के भाव प्रसंशनीय हैं...

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  5. बेहद सार्थक व सराहनीय ...शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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  6. बिकुल सहमत हूँ आपसे.....तंदरुस्ती हज़ार नियामत ।

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  7. मधुरेश शुभकामनाएं.... :)
    बहुत ही अच्छी जानकारी.... आभार....

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  8. आप छोटे हो पर काम तो आपने बड़े वाला किया न...जीवन मैं खूब तरक्की कीजिए|

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  9. एक सार्थक सन्देश , संवेदनशील रचना

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  10. इस सार्थक प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें.

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  11. एक उद्देश्य यहाँ ये भी हो,
    'आरोग्य' प्रसार हम कर पायें,
    तृण-तृण से भी कुछ विशेष
    भीड़ में हम सब कर जाएँ !
    आमीन

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  12. सार्थक पहल।।
    शुभकामनाएं.....

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  13. कहते हैं ...Prevention is better then cure ...एक डॉ होने के नाते आपके इस कदम और इस भाव से दिली खुशी हुवी... प्रभु आपको कामयाबी दे|

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  14. बहुत ही सुन्दर और सार्थक रचना है......

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  15. सुन्दर सार्थक रचना....

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