Tuesday, September 10, 2013

संशय


एक वृत्त बाहर,
एक वृत्त भीतर
सिकुड़ती त्रिज्याएँ,
घुलती मिथ्याएं
सघन संकुचन,
अंतस क्रंदन
उच्छावास-निश्वास मे
उलझा हुआ प्राण,
निर्वात को कहे क्या-
जीवन या मृत्यु?

जो ये सिकुड़न घोल दे
भीतर का वृत्त, 
तो कर्म के बंधन में
फिर से आवृत्त
एक जीवन फिर ढूँढूँगा
या फिर टूट जाय अगर 
बाहर का वृत्त,
तो हो जाऊं अन्वृत्त,
अनाकार, निर्विचार
जीवन से परे-
या मृत्यु में घुल जाऊंगा?
 
 
Picture Courtesy: http://pressingpause.com/2012/03/19/extra-circular-activities/

20 comments:

  1. बहुत गहराई से लिखा है आपने मधुरेश भाई. बधाई. आशा करता हूँ बहिर्वृत्त का स्फार बढे, वो दीर्घवृत्त बने या या फिर वृत्त की त्रिज्यायों से यंत्रित ना रह उसे तोड़ ही दे लेकिन कर्मपथ पर सदैव उर्ध्वगामी रहे. अशेष शुभकामनायें.

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  2. सभी वृत्त का केन्द्रविंदु एक ही है .केंद्र के सबसे नजदीक का वृत्त जन्म का और सबसे दूर का वृत्त जीवन की समाप्ति का निशान है. जिंदगी इन दोनों वृत्त के बीच के सभी वृत्तों से होकर गुजरता है ---गहरी सोच
    latest post: यादें

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  3. कल 12/09/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  4. गहरी अभिव्यक्ति ....शुभकामनायें

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  5. अंदर बाहर के वृत्त के अनावृत्त होने की अभिव्यक्ति ... जबकि दोनों एक ही धुरी से जुड़े हैं ... गहरे भाव ...

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  6. निशब्द हूँ अत्यंत ही गहन पोस्ट ।

    काफी दिनों बाद सक्रीय होने की शिकायत थी आपसे परन्तु इतनी सुन्दर पोस्ट पढ़ाने के लिए आपको माफ़ किया :-))

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  7. बहुत गहरी बात ...अच्छी प्रस्तुति.... शुभकामनायें...

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  8. गहरी बात........बहुत अच्छी प्रस्तुति...

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  9. गहन प्रस्तुति..

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  10. गहन अभिवयक्ति......

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  11. तो हो जाऊं अन्वृत्त,
    अनाकार, निर्विचार
    जीवन से परे-
    या मृत्यु में घुल जाऊंगा?

    bahut gahan ......bhed abhed karta hua kavya ...

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  12. किसी भी संशय से परे एक केंद्र..शाश्वत सा.. अति सुन्दर कृति..

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  13. बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
    बधाई

    इंडिया दर्पण
    पर भी पधारेँ।

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  14. sukhad anubhuti huee aap tk pahuch kar . kushal hindi writing ke lie vishesh dhanyawad. p-anilpandey.blogspot.com par bhi ek bar padharen.

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  15. अत्यंत प्रभावपूर्ण !!!

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  16. सुन्दर प्रस्तुति बहुत ही अच्छा लिखा आपने .बहुत ही सुन्दर रचना.बहुत बधाई आपको . कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |

    http://madan-saxena.blogspot.in/
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  17. कल 07/12/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  18. sunder shabd chayan liye hue sunder rachna.

    shubhkamnayen

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