Madhushaalaa: The Nectar House
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Wednesday, June 20, 2012
वनवास ३: तुम तो हो
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जब एकांत में प्रशांति न हो, और चित्त में विश्रांति न हो, जब सपन-सलोने नयनों में कौतूहल हो और कान्ति न हो, जब ठिठके मुझसे मेरी छाय...
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Friday, June 15, 2012
वनवास २: विरह, विषाद, वैराग्य
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मत रोको, बहने दो अश्रुधार है अंतर-निहित आत्म-उद्धार ये विरह विलय की आगत है करो स्वागत ले उर प्रेम अपार. मत रोको, बहने दो अश्रुधार ...
19 comments:
Friday, June 8, 2012
वनवास १: स्वनिर्णित
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वनवास कठिन होता है. और होता है कुछ ज़्यादा ही जब स्वनिर्णित होता है. क्योंकि किसी ने कहा अगर वनवास पे जाने को, तो तुम चले भी जाओगे...
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