Madhushaalaa: The Nectar House
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Wednesday, April 25, 2012
ऐ दिल, थोड़ी-सी शरारत कर ले ~~
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ऐ दिल, थोड़ी-सी शरारत कर ले, ये शराफ़त नहीं साथ निभानेवाली जश्न-ए-ज़िन्दगी का इक प्याला भर ले, कि लौट के ये वापस नहीं आनेवाली ऐ दिल,...
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Thursday, April 12, 2012
ओढ़ने की चादर
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मैं, साढ़े-पांच का. और साढ़े-पांच की मेरी चादर भी. हर रात बस एक ही कशमकश या तू थोड़ी लम्बी होती, या मैं ही थोड़ा छोटा होता! Pictur...
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Thursday, April 5, 2012
काल-संकुचित!
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वो कास्ट देखते हैं, सब-कास्ट देखते हैं, कुंडली देखते हैं, टीपन मिलाते हैं, दोष देखते हैं, गुण मिलाते हैं. कोई मिलान नहीं भावनाओ...
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