Madhushaalaa: The Nectar House
...'coz love is all there is!
ब्लॉग के पन्ने
(Move to ...)
होमपेज
ब्लॉग के बारे में दो शब्द
चुनिन्दा प्रकाशित रचनाएँ
दो शब्द खुद के बारे में
▼
Wednesday, March 28, 2012
अधजल गगरी
›
जब तक थोड़ी भी अज्ञानता है, तब तक सम्पूर्णता नहीं है... और जब तक सम्पूर्णता नहीं है, तब तक ये मन तो अधजल गगरी ही है ना... कैसे समझाऊँ इ...
30 comments:
Thursday, March 22, 2012
मधुशाला तुम पे लिख डालूँ
›
इक सुन्दर, श्रृंगार की कविता दिल करता तुम पे लिख डालूँ. कुछ शब्द संजोऊँ मीठे से, मधुशाला तुम पे लिख डालूँ. पलकें जब उठती-गिरती ह...
37 comments:
Entropy-ism 3
›
जो क्षण आया है, जाएगा, क्या सोचो तुम रह जाएगा इक तुम होगे, अतीत होगा, बाकी सब कुछ बह जाएगा। यह जान प्रिये अनजान बनो, अब छो...
4 comments:
‹
›
Home
View web version