Madhushaalaa: The Nectar House
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Sunday, October 30, 2011
अतीत से द्वंद्व
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वो जो मुझमे था, ख़ुद ही खोया पड़ा है! शायद वो भी ख़ुद को, कहीं और ढूंढ रहा है! और तुम क्या तुम ही हो? कल कुछ और ही थे, आज कुछ और ह...
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Saturday, October 29, 2011
ज़रा मुस्कुराईये!
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कुछ बीती बातों पे, बरबस मुलाकातों पे, मीठे अल्फाजों पे, ग़ौर फरमाईये, ज़रा मुस्कुराईये! हर फिक्र धुंए में कहाँ उड़ पाती है! य...
Wednesday, October 26, 2011
Entropy-ism
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We meditate...to seize the mind from outwards....although it is against the natural flow, against the entropy...yet we do..!! सरिता का स...
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