Picture: A shot taken in Kem Sentosa (Malaysia)
For my hypothetical girlfriend, jo hai, kahin na kahin! :)
Picture: A shot taken in Kem Sentosa (Malaysia)
झड़ते-बिखरते,
सूखे पीले पत्ते.
नव-आवरण को
वृक्ष तरसते.
सब्र करो, उग आयेंगे
फिर से हरे पत्ते!
चिड़ियों की चहक से
चहकती-सी दुनिया.
फूलों की खुशबू से
महकती-सी दुनिया.
कई छोड़ चले, कई आएंगे
फिर से चमकते दमकते!
क्यूँ हो मन में
विरह का क्षोभ?
क्यूँ पाले कोई
मिलन का लोभ?
कहती नियति- ढल जायेंगे
यूँही मिलते-बिछड़ते!
Picture Courstey: Mark Schellhase http://commons.wikimedia.org/wiki/User:Mschel
Dedicated to my close-to-heart friends Saurabh, Srishti and Vishal- you make the spring of my life...
गीत नया गुनगुना ऐ मन.
दिल के तार बजे छन-छन.
तोड़ के सारे कुपित बंधन,
उन्मुक्त छिड़े सौरभ मन-उपवन!
देखो झूम रहा है कण-कण.
प्रेम-माधुर्य को कर आलिंगन,
वर्ष है आया यह नव-नूतन.
शब्द पिरो ले जैसे दर्पण.
और झूमे इनके संगीत में,
स्नेह-विभोर अपना यह जीवन.
Dedidated to Swarn Di, who has always been so inspiring for me!