Sunday, May 13, 2012

पहला प्यार


पहला प्यार..
ना तो फिगर देखता है, 
ना ही पर्सनालिटी.
ना शो-ऑफ होता है, ना ही वैनिटी. 
पहला प्यार...
ना लूज़र होता है ना विनर.
ना ही कोई कैंडल लाइट डिनर.
पहला प्यार... तो बस एक
टॉफी से शुरू होता है
जिसे शेयर करके लगता है
कि सारी दुनिया शेयर कर ली.
और शेयर करते समय
ये भी नहीं पूछता
कि धर्म क्या है
और जाति क्या है...
पहला प्यार...
तो बस हो जाता है...
...
और फिर वक़्त की धुंध में
किसी राह पे खो जाता है.

 Picture Courtesy: Priyadarshi Ranjan

23 comments:

  1. सुन्दर प्रस्तुति |
    बधाई ||

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  2. पहला प्यार...
    तो बस हो जाता है...

    अच्छी प्रस्तुति:)

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  3. प्यार हो तो वह खोता नहीं ... जब भी टॉफी देखो , पास आ जाता है

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  4. सुंदर बहुत सुंदर पहले प्यार की अभिव्यक्ति ,...

    MY RECENT POST ,...काव्यान्जलि ...: आज मुझे गाने दो,...

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  5. पहला प्यार बहुत ही मासूम होता है..खुबसूरत प्रस्तुति...सस्नेह...

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  6. पहला प्यार...
    तो बस हो जाता है...

    हो जाता है ...
    और मन पर छा जाता है ...
    बहुत खूबसूरत,कोमल अभिव्यक्ती ....!!
    शुभकामनायें ...

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  7. beautiful....beautiful.................
    <3

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  8. अच्छा है जी , पहले प्यार की टाफी कितनी स्वादिष्ट होती होगी ना . मस्त .

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  9. वाह ...बहुत बढिया।

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  10. Ultimate... pehla pyar hota hi esa h..jiski koi paribhasha nahi...koi andaz bhi nai...wo to bus ho jata h... :)
    Nice lines....

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  11. लगता है जिया है पहले प्यार कों आपने ...
    काश की ये प्यार किसी राह पे न खोये .. बल्कि उम्र भर साथ रहे ...

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  12. पहले प्यार कि मासूमियत को बहुत सुंदरता से परिचित करवाया है मधुरेश आपने ......बहुत सुन्दर!

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  13. पहला प्यार...
    तो बस हो जाता है...

    और हो गया यह प्यार न पहला होता है और न आखिरी

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  14. जिसे शेयर करके लगता है
    कि सारी दुनिया शेयर कर ली.... बिलकुल सच
    और फिर वक़्त की धुंध में
    किसी राह पे खो जाता है.... ऐसा होता नहीं जिन्दगी भर का टीस रहता है ....
    जो तुम्हारे साथ कभी ना हो ....

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  15. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ...

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  16. ...लेकिन जितनी देर भी रहता है ....हर शै को खूबसूरत....और खुशनुमा बना देता है ...प्यारी सी, INNOCENT सी रचना ....!

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  17. रेअली?? हम्म. सुन्दर अहसास हैं मीठे मीठे टॉफी जैसे.

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  18. पहला प्यार...
    तो बस हो जाता है...
    ...
    और फिर वक़्त की धुंध में
    किसी राह में खो जाता है.

    .....बहुत खूब....लेकिन अपनी यादें सदैव को छोड़ जाता है....बहुत प्यारी रचना...

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  19. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  20. बहुत सुन्दर!!

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